Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
Water in lungs: अगर दिखे ये 15 लकà¥à¤·à¤£ तो समठलें फेफड़ों में à¤à¤° गया पानी, सà¥à¤–ाने के लिठआजमाà¤à¤‚ ये 6 घरेलू उपचार
How to treat pulmonary edema at home: फेफड़ों में पानी à¤à¤° जाना à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ है जिसके कई कारण हैं। तà¥à¤°à¤‚त इलाज किया जाना जरूरी है। कà¥à¤› लोगों में यह समसà¥à¤¯à¤¾ लंबी चल सकती है। बेहतर इलाज के लिठइसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर नजर रखना बहà¥à¤¤ जरूरी है। कà¥à¤› घरेलू उपाय आपको इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से राहत देने में मदद कर सकते हैं।
Â
कई बार फेफड़ों या चेसà¥à¤Ÿ में पानी à¤à¤° जाता है जिसे मेडिकल à¤à¤¾à¤·à¤¾ में पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ (Pulmonary edema) कहते हैं। यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ है जिसका तà¥à¤°à¤‚त इलाज किया जाना जरूरी है। मà¥à¤¶à¥à¤•िल तब होती है, जब पानी फेफड़ों में सांस की नली में जमा हो जाता है। इससे पीड़ित का सांस लेना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है।
फेफड़ों में पानी à¤à¤°à¤¨à¥‡ के कारण कà¥à¤¯à¤¾ है? मेयोकà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, फेफड़ों में पानी à¤à¤°à¤¨à¥‡ की बड़ी वजह दिल के रोग हैं। लेकिन अनà¥à¤¯ कारणों से à¤à¥€ फेफड़ों में दà¥à¤°à¤µ जमा हो सकता है। निमोनिया, कà¥à¤› विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के संपरà¥à¤• में आना, कà¥à¤› तरह की दवाà¤à¤‚, छाती की दीवार पर आघात और ऊंचाई पर चà¥à¤¨à¤¾ या à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करते समय à¤à¥€ फेफड़ों में पानी जा सकता है।
फेफड़ों में पानी à¤à¤°à¤¨à¥‡ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को मेडिकल इमरजेंसी माना गया है जिसके लिठतà¥à¤°à¤‚त उपचार की जरूरत होती है। समय पर सही इलाज नहीं मिलने से पीड़ित की मौत à¤à¥€ हो सकती है। फेफड़ों में पानी à¤à¤°à¤¨à¥‡ के कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ हैं? à¤à¤¸à¤¾ होने से आपको सांस लेने में परेशानी, कफ में खून आना, दिल की धड़कन बà¥à¤¨à¤¾, तà¥à¤µà¤šà¤¾ का ठंडा होना, सांस लेते समय घरघराहट या हांफना, थकान, बेचैनी, चिंता और पैरों और शरीर के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में सूजन आदि शामिल हैं। फेफड़ों में à¤à¤°à¥‡ तरल को सà¥à¤–ाने के लिठआप कà¥à¤› तरीके आजाम अकते हैं।
फेफड़ों में पानी à¤à¤°à¤¨à¥‡ के लकà¥à¤·à¤£
इसका सबसे बड़ा लकà¥à¤·à¤£ सांस लेने में कठिनाई महसूस होना है। इसके अलावा आपको कई अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ महसूस हो सकते हैं-
खांसी, अकà¥à¤¸à¤° गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€, à¤à¤¾à¤—दार थूक के साथ
बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾ पसीना आना
चिंता और बेचैनी
घà¥à¤Ÿà¤¨ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾
तà¥à¤µà¤šà¤¾ का पीला होना
सांस लेते समय घरघराहट
दिल की धड़कन बà¥à¤¨à¤¾
छाती में दरà¥à¤¦
अगर यह समसà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ है तो आपको ये लकà¥à¤·à¤£ महसूस हो सकते हैं-
सपाट लेटने पर सांस लेने में कठिनाई (ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾)
पैरों की सूजन
अतिरिकà¥à¤¤ तरल पदारà¥à¤¥ के जमा होने के कारण तेजी से वजन बढ़ना
पैरॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤®à¤² नोकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤² डिसà¥à¤ªà¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, या रात में अचानक सांस फूलना
थकान
कोई à¤à¥€ काम करते समय सांस फूलना बढ़ जाना
बैलेंस à¤à¤‚ड हेलà¥à¤¦à¥€ डाइट लें
अगर आप इस समसà¥à¤¯à¤¾ से पीड़ित हैं, तो आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर हेलà¥à¤¦à¥€ डाइट लेनी चाहिà¤à¥¤ डाइट में शामिल चीजें à¤à¤• रोगी से दूसरे रोगी की समसà¥à¤¯à¤¾ की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के आधार पर अलग हो सकती है। आपको ताजे फल और हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, अंडे, चिकन, मछली, नटà¥à¤¸, फलियां, टोफू, विटामिन डी के सà¥à¤°à¥‹à¤¤ जैसे अंडे, मछली, मांस, संतरे का रस, दूध और पोटेशियम और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के सà¥à¤°à¥‹à¤¤ जैसे पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, केला, बीज और खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
सोडियम का सेवन कम करें
आपके शरीर में अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में नमक शरीर में अधिक तरल पदारà¥à¤¥ बना सकता है। आपको सिरà¥à¤« इस समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठनहीं वैसे à¤à¥€ कम ही नमक का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में नमक के बजाय काली मिरà¥à¤š, लहसà¥à¤¨, नींबू का रस, और अनà¥à¤¯ जड़ी-बूटियों और मसालों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ फूड से बचें।
सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग छोड़ने से होगा फायदा
सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग से बचें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और खराब हो सकती है। इतना ही नहीं, आपको सेकेंड हैंड धà¥à¤à¤‚ से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤ वातावरण में मौजूद à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से बचें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे आपके फेफड़ों में जलन पैदा कर सकते हैं।
ठंड के समय घर में रहें
यदि संà¤à¤µ हो तो, उन दिनों में बाहर न निकलें जब यह बहà¥à¤¤ ठंडा या बहà¥à¤¤ गरà¥à¤® हो कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे आपके फेफड़ों में जलन हो सकती है। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इसके लकà¥à¤·à¤£ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशान कर सकते हैं।
शराब के सेवन से बचें
शराब और अनà¥à¤¯ नशीले पदारà¥à¤¥ जैसे मारिजà¥à¤†à¤¨à¤¾, कोकीन और हेरोइन न केवल पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ का कारण बन सकती हैं, बलà¥à¤•ि इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ खराब कर सकती हैं। यदि आपको यह समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो आपको इन सà¤à¥€ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को तà¥à¤°à¤‚त छोड़ देना चाहिà¤à¥¤
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ से बचें
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ करने से पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ à¤à¤¡à¤¿à¤®à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ बिगड़ सकते हैं। अगर आप कà¥à¤› à¤à¤¾à¤°à¥€ काम करते हैं, तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप अपने शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° को आराम देने के लिठहर घंटे के बाद छोटा बà¥à¤°à¥‡à¤• लें।
| --------------------------- | --------------------------- |